Tuesday, 21 June 2016

प्राचीन स्वास्थ्य दोहावली

पानी में गुड डालिए,
बीत जाए जब रात!
सुबह छानकर पीजिए,
अच्छे हों हालात!!

धनिया की पत्ती मसल,
बूंद नैन में डार!
दुखती अँखियां ठीक हों,
पल लागे दो-चार!!

ऊर्जा मिलती है बहुत,
पिएं गुनगुना नीर!
कब्ज खतम हो पेट की,
मिट जाए हर पीर!!

प्रातः काल पानी पिएं,
घूंट-घूंट कर आप!
बस दो-तीन गिलास है,
हर औषधि का बाप!!

ठंडा पानी पियो मत,
करता क्रूर प्रहार!
करे हाजमे का सदा,
ये तो बंटाढार!!

भोजन करें धरती पर,
अल्थी पल्थी मार!
चबा-चबा कर खाइए,
वैद्य न झांकें द्वार!!

प्रातः काल फल रस लो,
दुपहर लस्सी-छांस!
सदा रात में दूध पी,
सभी रोग का नाश!!

दही उडद की दाल सँग,
पपीता दूध के संग!
जो खाएं इक साथ में,
जीवन हो बदरंग!!

प्रातः- दोपहर लीजिये,
जब नियमित आहार!
तीस मिनट की नींद लो,
रोग न आवें द्वार!!

भोजन करके रात में,
घूमें कदम हजार!
डाक्टर, ओझा, वैद्य का ,
लुट जाए व्यापार !!

देश, भेष, मौसम यथा,
हो जैसा परिवेश!
वैसा भोजन कीजिये,
कहते सखा सुरेश!!

इन बातों को मान कर,
जो करता उत्कर्ष!
जीवन में पग-पग मिले,
उस प्राणी को हर्ष!!

घूट-घूट पानी पियो,
रह तनाव से दूर!
एसिडिटी, या मोटापा,
होवें चकनाचूर!!

अर्थराइज या हार्निया,
अपेंडिक्स का त्रास!
पानी पीजै बैठकर,
कभी न आवें पास!!

रक्तचाप बढने लगे,
तब मत सोचो भाय!
सौगंध राम की खाइ के,
तुरत छोड दो चाय!!

सुबह खाइये कुवंर-सा,
दुपहर यथा नरेश!
भोजन लीजै रात में,
जैसे रंक सुरेश!!

देर रात तक जागना,
रोगों का जंजाल!
अपच,आंख के रोग सँग,
तन भी रहे निढाल!!

टूथपेस्ट-ब्रश छोडकर,
हर दिन दोनो जून!
दांत करें मजबूत यदि,
करिएगा दातून!!

हल्दी तुरत लगाइए,
अगर काट ले श्वान!
खतम करे ये जहर को,
कह गए कवि सुजान!!

मिश्री, गुड, खांड,
ये हैं गुण की खान!
पर सफेद शक्कर सखा,
समझो जहर समान!!

चुंबक का उपयोग कर,
ये है दवा सटीक!
हड्डी टूटी हो अगर,
अल्प समय में ठीक!!

दर्द,घाव,फोडा,चुभन,
सूजन,चोट पिराइ!
बीस मिनट चुंबक धरौ,
पिरवा जाइ हेराइ!!

हँसना, रोना, छींकना,
भूख, प्यास या प्यार!
क्रोध, जम्हाई रोकना,
समझो बंटाढार!!

सत्तर रोगों कोे करे,
चूना हमसे दूर!
दूर करे ये बाझपन,
सुस्ती अपच हुजूर!!

यदि सरसों के तेल में,
पग नाखून डुबाय!
खुजली, लाली, जलन सब,
नैनों से गुमि जाय!!

भोजन करके जोहिए,
केवल घंटा डेढ!
पानी इसके बाद पी,
ये औषधि का पेड!!

जो भोजन के साथ ही,
पीता रहता नीर!
रोग एक सौ तीन हों,
फुट जाए तकदीर!!

पानी करके गुनगुना,
मेथी देव भिगाय!
सुबह चबाकर नीर पी,
रक्तचाप सुधराय!!

अलसी, तिल, नारियल,
घी सरसों का तेल!
यही खाइए नहीं तो,
हार्ट समझिए फेल!!

पहला स्थान सेंधा नमक,
पहाड़ी नमक सु जान!
श्वेत नमक है सागरी,
ये है जहर समान!!

तेल वनस्पति खाइके,
चर्बी लियो बढाइ!
घेरा कोलेस्टरॉल तो,
आज रहे चिल्लाइ!!

अल्यूमिन के पात्र का,
करता है जो उपयोग!
आमंत्रित करता सदा ,
वह अडतालीस रोग!!

फल या मीठा खाइके,
तुरत न पीजै नीर!
ये सब छोटी आंत में,
बनते विषधर तीर!!

चोकर खाने से सदा,
बढती तन की शक्ति!
गेहूँ मोटा पीसिए,
दिल में बढे विरक्ति!!

नींबू पानी का सदा,
करता जो उपयोग!
पास नहीं आते कभी,
यकृति-आंत के रोग!!

दूषित पानी जो पिए,
बिगडे उसका पेट!
ऐसे जल को समझिए,
सौ रोगों का गेट!!

रोज मुलहठी चूसिए,
कफ बाहर आ जाय!
बने सुरीला कंठ भी,
सबको लगत सुहाय!!

भोजन करके खाइए,
सौंफ, गुड, अजवान!
पत्थर भी पच जायगा,
जानै सकल जहान!!

लौकी का रस पीजिए,
चोकर युक्त पिसान!
तुलसी, गुड, सेंधा नमक,
हृदय रोग निदान!!

हृदय रोग, खांसी और
आंव करें बदनाम!
दो अनार खाएं सदा,
बनते बिगडे काम!!

चैत्र माह में नीम की,
पत्ती हर दिन खावे !
ज्वर, डेंगू या मलेरिया,
बारह मील भगावे !!

सौ वर्षों तक वह जिए,
लेत नाक से सांस!
अल्पकाल जीवें,करें,
मुंह से श्वासोच्छ्वास!!

सितम,गर्म जल से कभी,
करिये मत स्नान!
घट जाता है आत्मबल,
नैनन को नुकसान!!

हृदय रोग से आपको,
बचना है श्रीमान!
सुरा, चाय या कोल्ड्रिंक,
का मत करिए पान!!

अगर नहावें गरम जल,
तन-मन हो कमजोर!
नयन ज्योति कमजोर हो,
शक्ति घटे चहुंओर!!

तुलसी का पत्ता करें,
यदि हरदम उपयोग!
मिट जाते हर उम्र में,
तन के सारे रोग!!

Wednesday, 16 December 2015

ऑनलाइन बनवाएं कलर वोटर आईडी कार्ड

अगर आप 18 साल से ऊपर है और वोटर आईडी कार्ड बनवाना चाहते हैं तो चुनाव आयोग के ऑफिस के महीनों चक्कर लगाने की जरूरत नहीं पड़ेगी। अब आप अपने घर पर बैठकर स्मार्टफोन या लैपटॉप की मदद से कलर वोटर आईडी कार्ड के लिए अप्लाई कर सकते हैं। एक महीने के अंदर आपको अपना वोटर कार्ड मिल भी जाएगा।

हम आपको बताने जा रहा वो स्टेप्स जिनको फॉलो करके आप घर बैठे वोटर आईडी कार्ड बनवा सकते हैं।

स्टेप-1. पर्सनल ई-मेल आईडी होनी चाहिए
वोटर आई-डी कार्ड बनवाने से पहले आपके पास पर्सनल ई-मेल आई-डी और मोबाइल नंबर होना चाहिए, जिससे चुनाव आयोग को आपसे संपर्क करने में आसानी हो। कभी भी ऑफिस की मेल आई-डी आप ना दें। सबसे पहले आपको चुनाव आयोग की वेबसाइट www.eci-citizenservices.nic.in पर जाना होगा। यहां न्यू रजिस्ट्रेशन के ऑप्शन पर क्लिक करना होगा।

स्टेप-2. सावधानी से भरें फॉर्म में जानकारी
ऑप्शन पर क्लिक करने के बाद आपके सामने एक पेज खुलेगा जिस पर आप अपनी सभी जानकारी को सावधानीपूर्वक भरें। वोटर आईडी कार्ड बहुत ही महत्वपूर्ण होता है इसलिए कोई भी गलत जानकारी भरने से बचें। गलत जानकारी देने पर चुनाव आयोग आपको जेल भी भेज सकता है। इसमें आपको अपनी कलर पासपोर्ट साइज फोटो जो कि व्हाइट बैकग्राउंड में होनी चाहिए वो भी अपलोड करनी होगी।

स्टेप-3. जानकारी को कर सकते हैं चेंज
फॉर्म सेव करने के बाद आप इसको सबमिट करेंगे। सबमिट करने के 15 दिन तक आप अपनी डिटेल्स में चेंज कर सकते हैं। आप अपने वोटर आई-डी कार्ड एप्लिकेशन का स्टेटस भी ऑनलाइन चेक भी कर सकते हैं।


स्टेप-4. एक माह में मिलेगा वोटर आई-डी कार्ड
जानकारी देने के बाद चुनाव आयोग की तरफ से नियुक्त आपके एरिया का बूथ लेवल ऑफिसर (बीएलओ) आपके घर पर आएगा और जिन डॉक्युमेंट्स को आपने अपलोड किया है उनको चेक करेगा और इन डॉक्युमेंट्स की हार्ड कॉपी को वेरिफाई करने के लिए ले जाएगा। इसके बाद एक माह के अंदर पोस्ट द्वारा आपके घर पर वोटर आई-डी कार्ड पहुंच जाएगा।

स्टेप-5. इन डॉक्युमेंट्स की स्कैन कॉपी करनी होगी अपलोड
वोटर आई-डी कार्ड के लिए आपको एड्रेस प्रूफ और आई-डी प्रूफ में अलग-अलग डॉक्युमेंट्स की कॉपी अपलोड करनी पड़ेगी। इसके लिए आप पासपोर्ट, दसवीं की मार्कशीट, बर्थ सर्टिफिकेट, पैन कार्ड, ड्राइविंग लाइसेंस, आधार कार्ड, बैंक की पासबुक, फोन/पानी/बिजली/गैस का बिल, इनकम टैक्स का फॉर्म 16 आदि में से किन्हीं दो डॉक्युमेंट्स की स्कैन कॉपी को अपलोड करना होगा।

500 रुपए में बनवाइए इंटरनेशनल DL, दुनिया में कहीं भी चला सकेंगे कार

अब आप इंटरनेशनल ड्राइविंग लाइसेंस बनवा सकते हैं। जिसका सीधा-सा मतलब है कि उसे बनवाकर दुनिया के किसी भी कोने में कार, बाइक से लेकर पर्सनल यूज के लिए कोई भी गाड़ी चला सकते हैं। इंटरनेशनल ड्राइविंग लाइसेंस बनावाना भी न केवल आसान है, बल्कि उसका खर्च भी बहुत कम आता है। आज हम आपको मात्र 500 रुपए में इंटरनेशनल ड्राइविंग लाइसेंस बनवाने के तरीके बता रहा है। जिसके लिए आपको इन बातों का ध्यान रखना होगा...

क्यों जरूरी है इंटरनेशनल DL
इंटरनेशनल ड्राइविंग लाइसेंस न केवल रेग्युलर विदेश यात्रा करने वालों के काम आता है, बल्कि जो कभी-कभार विदेश जाते हैं, उन्हें भी इसका फायदा मिलता है। इसके साथ ही जो लोग विदेश कंपनियों के तरफ काम के लिए कॉन्ट्रैक्ट पर जाते हैं, उनके लिए भी यह काफी लाभकरी होता है। यह किसी भी इमरजेंसी आपके लिए विदेश में काम आ सकता है। साथ ही, विदेश में घूमने का खर्च भी कम करता है।

कैसे करें अप्लाई
इंटरनेशनल ड्राइविंग लाइसेंस को आप जैसे सामान्य लाइसेंस बनवाते हैं, उसी तरह बनवा सकते हैं। इसके लिए आप लोकल आरटीओ ऑफिस में जाकर अप्लाई कर सकते हैं।

चाहिए ये डॉक्युमेंट
इंटरनेशनल ड्राइविंग लाइसेंस बनवाने के लिए इन डॉक्युमेंट की जरूरत होती है। इंटरनेशनल ड्राइविंग लाइसेंस बनवाते समय आपको इन डॉक्युमेंट्स के ऑरिजनल भी अपने साथ रखने होंगे।

  • फॉर्म 4A (इंटरनेशनल ड्राइविंग लाइसेंस का एप्लिकेशन फॉर्म), ये ऑफिस और ट्रांसपोर्ट डिपार्टमेंट की वेबसाइट पर उपलब्ध है।
  • वैलिड ड्राइविंग लाइसेंस की अटेस्टेड कॉपी
  • एड्रेस प्रूफ की अटेस्टेड कॉपी
  • वैलिड पासपोर्ट की अटेस्टेड कॉपी
  • वैलिड वीजा की अटेस्टेड कॉपी
  • एयर टिकट की कॉपी
  • पांच पासपोर्ट साइज फोटोग्राफ
  • मेडिकल फॉर्म 1-A, ये ऑफिस और ट्रांसपोर्ट डिपार्टमेंट की वेबसाइट पर उपलब्ध है।
  • भारतीय राष्ट्रीयता का प्रूफ
  • बर्थ सर्टिफिकेट की अटेस्टेड कॉपी


ये है फीस
इंटरनेशनल ड्राइविंग लाइसेंस बनवाने के लिए 500 रुपए फीस देनी होगी। ये आपको अपने एरिया के लोकल ट्रांसपोर्ट ऑफिस को कैश में जमा करानी होगी।

कितने समय के लिए होता है जारी
इंटरनेशनल ड्राइविंग लाइसेंस एक साल के लिए जारी होता है। आपको एक साल के टाइम पीरियड में इसका इस्तेमाल करना होगा। नॉर्मल ड्राइविंग लाइसेंस अब पांच साल के लिए बनता है।

कौन बनवा सकता है लाइसेंस
आपके पास वैलिड ड्राइविंग लाइसेंस होना चाहिए।
आपके पास वैलिड पासपोर्ट होना चाहिए।

नहीं होता है रिन्युअल
इंटरनेशनल ड्राइविंग लाइसेंस रिन्यू नहीं होता। वैलिडिटी खत्म होने के बाद आपको फिर से इंटरनेशनल ड्राइविंग लाइसेंस के लिए अप्लाई करना होगा।


कब होता है जारी
इंटरनेशनल ड्राइविंग लाइसेंस सुबह 8.30 बजे से दोपहर के 1:00 बजे तक जारी होता है।

कितने दिन में मिलता है इंटरनेशनल ड्राइविंग लाइसेंस
इंटरनेशनल ड्राइविंग लाइसेंस सात वर्किंग दिन से अधिकतम 30 दिन में जारी हो जाता है।

300 Kmph की रफ्तार से दौड़ेगी इंडिया की 1st बुलेट ट्रेन, ये होगा किराया!

भारत के लिए पहली बुलेट ट्रेन चलाने में जापान मदद करेगा। यह ट्रेन मुंबई और अहमदाबाद के बीच दौड़ेगी और 505 किलोमीटर की दूरी को सात घंटे के बदले दो घंटे में पूरा करेगी। इसके लिए भारत और जापान के बीच एमओयू साइन हुआ है। हम आपको इस ट्रेन के बारे में सारी जानकारी दे रहे हैं। यहां तक कि इस प्रोजेक्ट से जुड़ी रिपोर्ट के आधार पर बता रहे हैं कि इस ट्रेन का किराया कितना होगा?

ये है प्रोजेक्ट
हाईस्पीडः मुंबई-अहमदाबाद कॉरिडोर
दूरीः 505 किलोमीटर
खर्च होंगेः 98,805 करोड़ रुपए
यात्रा का समयः 7 घंटे की बजाय 2 घंटे
प्रपोज्ड स्पीडः 300 किलोमीटर प्रति घंटा

दो साल पहले शुरू हुई थी स्टडी
इसके लिए जापान इंटरनेशनल कॉर्पोरेशन एजेंसी (जेआईसीए) और रेल मंत्रालय, भारत ने दो साल पहले ही हाईस्पीड रेल बनाने और चलाने को लेकर स्टडी शुरू की थी।

जुलाई में सौंपी गई रिपोर्ट
यह रिपोर्ट भारत को जुलाई 2015 में सौंपी गई। इस रिपोर्ट में सिफारिश की गई है कि जापान की बुलेट ट्रेनों में शामिल शिंकान्सेन की तर्ज पर भारत में ट्रेन चलाई जा सकती है।

ये होगा किराया
जेआईसीए के अध्ययन पर बीबीसी में छपी रिपोर्ट के मुताबिक इस ट्रेन का संभावित किराया करीब 2800 रुपए होगा। मुंबई-अहमदाबाद के बीच फिलहाल सबसे ज्यादा किराया मुंबई शताब्दी एक्सप्रेस फर्स्ट क्लास का है। फर्स्ट क्लास से सफर करने पर यात्रियों को 1920 रुपए भरने होते हैं।


इस रूट पर कुल 12 स्टेशन बनाए जाएंगे।

भारत 10 हजार किलोमीटर के हाई-स्पीड रूट प्लान कर रहा है।

इस प्रोजेक्ट के लिए जापान चाहता है कि भारत, कम से कम 30 फीसदी इक्विपमेंट जापान से खरीदे। जिनमें टोक्यो में निर्मित कोच भी शामिल हों।

इस काम के लिए जापान भारत को 1 फीसदी से भी कम की दर पर 50 साल के लिए लोन देगा।

जापान इस प्रोजेक्ट में भारत की 81 फीसदी कॉस्ट का वहन करेगा।

इस प्रोजेक्ट की शुरुआत 2017 में होगी और 2023 तक इसके कम्पलीट होने की उम्मीद है।

इस प्रोजेक्ट की सफलता के बाद इस लाइन को नई दिल्ली तक बढ़ाया जाएगा।

जापान के बिजनेस डेली निक्की के मुताबिक साल 2023 तक 40 हजार यात्री इस सुविधा का लाभ उठा सकते हैं।

इतने बनेंगे पुल और टनल
इस रूट पर 11 टनल बनाए जा सकते हैं। जिनमें से एक मुंबई में समुद्र के भीतर होगा। इसके अलावा मुंबई-अहमदाबाद रूट में 318 किलोमीटर के बांध, 162 किमी पुल और 27.01 किलोमीटर की 11 सुरंगें बनाना भी शामिल होगा। इस लाइन में कुल 12 स्टेशन होंगे जिनमें सूरत और वड़ोदरा में दो-दो मिनट का ठहराव होगा।


जापान ने बनाई थी विशेष लाइन, 1964 में शुरू हुई पहली लाइन
दुनिया में जापान पहला देश है, जिसने हाईस्पीड ट्रेनों के लिए विशेष रेलवे लाइन शिन्कान्सेन बनाई। शिंकान्सेन का मतलब है, नई ट्रंक लाइनें। जापान में पहली 515 किलोमीटर लंबी रेलवे लाइन 1964 में टोक्यो और शिन ओसाका के बीच शुरू हुई थी। यह ट्रेन 285 किमी/घंटा की रफ्तार से टोक्यो और शिन ओसाका की दूरी तय करने में 2 घंटे 22 मिनट का वक्त लेती है।

जापान की टेक्नोलॉजी लेने वाले दूसरा देश हो सकता है भारत
जापान यह टेक्नोलॉजी कई देशों को ऑफर कर रहा है। हाल ही जापान ने अपनी बुलेट ट्रेन से जुड़ी  टेक्नोलॉजी ताईवान को बेची है। अगर भारत इसे लेने का फैसला करता है तो वह ऐसा दूसरा देश हो जाएगा।

Sunday, 16 August 2015

आज़ादी

बेबस हूँ, बिखरी हूँ, उलझी हूँ सत्ता के जालो में,
एक दिवस को छोड़ बरस भर बंद रही हूँ तालों में,
बस केवल पंद्रह अगस्त को मुस्काने की आदी हूँ,
लालकिले से चीख रही मैं भारत की आज़ादी हूँ,
जन्म हुआ सन सैतालिस में,बचपन मेरा बाँट दिया,
मेरे ही अपनों ने मेरा दायाँ बाजू काट दिया,
जब मेरे पोषण के दिन थे तब मुझको कंगाल किया
मस्तक पर तलवार चला दी,और अलग बंगाल किया
मुझको जीवनदान दिया था लाल बहादुर नाहर ने,
वर्ना मुझको मार दिया था जिन्ना और जवाहर ने,
मैंने अपना यौवन काटा था काँटों की सेजों पर,
और बहुत नीलाम हुयी हूँ ताशकंद की मेजों पर,
नरम सुपाड़ी बनी रही मैं,कटती रही सरौतों से,
मेरी अस्मत बहुत लुटी है उन शिमला समझौतों से,
मुझको सौ सौ बार डसा है,कायर दहशतगर्दी ने,
सदा झुकायीं मेरी नज़रे,दिल्ली की नामर्दी ने,
मेरा नाता टूट चूका है,पायल कंगन रोली से,
छलनी पड़ा हुआ है सीना नक्सलियों की गोली से,
तीन रंग की मेरी चूनर रोज़ जलायी जाती है,
मुझको नंगा करके मुझमे आग लगाई जाती है
मेरी चमड़ी तक बेची है मेरे राजदुलारों ने,
मुझको ही अँधा कर डाला मेरे श्रवण कुमारों ने
उजड़ चुकी हूँ बिना रंग के फगवा जैसी दिखती हूँ,
भारत तो ज़िंदा है पर मैं विधवा जैसी दिखती हूँ,
मेरे सारे ज़ख्मों पर ये नमक लगाने आये हैं,
लालकिले पर एक दिवस का जश्न मनाने आये हैं
बूढ़े बालों को ये काली चोटी देने आये हैं,
एक साल के बाद मुझे ये रोटी देने आये हैं,
जो मुझसे हो लूट चुके वो पाई पाई कब दोगे,
मैं कब से बीमार पड़ी हूँ मुझे दवाई कब दोगे,
सत्य न्याय ईमान धरम का पहले उचित प्रबंध करो,
तब तक ऐसे लालकिले का नाटक बिलकुल बंद करो,

जय हिन्द! जय भारत!
डाॅ0 अवधेश,  पन्तनगर

Wednesday, 15 July 2015

सच्चे संघर्ष की कहानी


कहा जाता है कि अगर इंसान में संघर्ष और कठिन मेहनत करने की क्षमता हो तो दुनिया में ऐसा कोई मुकाम नहीं है जिसे हासिल ना किया जा सके। कवि रामधारी सिंह दिनकर ने सही ही कहा है कि "मानव जब जोर लगाता है, पत्थर पानी बन जाता है।" ये कथन कानपुर के रहने वाले अभिषेक पे बिल्कुल सही बैठता है। सोना तपकर ही कुंदन बनता है और इतिहास गवाह है कि जिन लोगों ने अपना जीवन अभावों में गुजारा है वही लोग आगे चलकर सफलता को हासिल करते हैं।

कोई भी माँ-बाप कितने भी गरीब क्यों न हों पर हर माँ-बाप का एक सपना होता है कि उनका बच्चा खूब पढ़ाई करे और जीवन में सफल होकर उनका नाम रोशन करे। ऐसी ही एक बहुत गरीब परिवार की कहानी है जो दिल को छूते हुए गहरे सन्देश छोड़ती है।

कानपुर के रहने वाले अभिषेक कुमार भारती ने 2010 में भारत के सबसे कठिन इंजीनियरिंग परीक्षा IIT -JEE को पास किया जो अपने आप में एक अद्भुत उपलब्धि है। अभिषेक के पिता राजेन्द्र प्रसाद एक जूता सिलने वाले मोची हैं, ये सुनने में जरूर अजीब लगेगा लेकिन सत्य है और माँ घर में लोगों के फटे कपड़े सिलकर कुछ पैसे इकट्ठे करती हैं। परिवार की रोज की दैनिक आमदनी मुश्किल से 150 रुपये है जिसमें परिवार का खर्चा चलना बहुत ही मुश्किल है। और घर के नाम पर एक छोटा सा कमरा है।

कई बार अभिषेक खुद पिता की अनुपस्थिति में जूतों की सिलाई करता था। कभी कुछ पैसे कमाने के लिए नगरपालिका के कर्मचारियों के साथ काम भी करता था । लेकिन पढ़ने की चाह अभिषेक में शुरू से ही थी। वो रात भर जागकर पढाई करता। घर में बिजली कनेक्शन नहीं था तो लालटेन जला कर ही रात को पढाई करनी पढ़ती थी। अच्छी पढाई के लिए ना कोचिंग के पैसे थे और ना ही किताबें खरीदने के फिर भी अभिषेक जी जान से लगा रहता था। वो कभी हार ना मानने वाले लोगों में से था, अपने दोस्तों से पुरानी किताबें लेकर पढाई किया करता था। उसकी लगन के आगे आखिर किस्मत को झुकना ही पड़ा और अभिषेक ने वो उपलब्धि हासिल की जिसका लाखों भारतीय छात्र सपना देखते हैं। आज अभिषेक IIT Kanpur में AEROSPACE Engineering की पढाई कर रहे हैं।

तो मित्रों, सफलता कोई एक रात का खेल नहीं है जो पलक झपकते किस्मत बदल जाएगी, आपको कठिन मेहनत करनी होगी खुद को संघर्ष रूपी आग में तपाना होगा, फिर देखिये दुनिया आपके कदमों में झुक जाएगी।

यदि आपके पास स्वलिखित कोई अच्छे लेख, कविता, News, Inspirational Story, या अन्य जानकारी लोगों से शेयर करना चाहते है तो आप हमें "info@sochapki.com" पर ईमेल कर सकते हैं। अगर आपका लेख हमें अच्छा लगा तो हम उसे आपकी दी हुई details के साथ Publish करेंगे। धन्यवाद!

Friday, 10 July 2015

गुडकारी तुलसी बचाये विभिन्न समस्याओं से!

क्या आपने कभी इस बात पर ध्यान दिया कि आप पर या आपके घर, परिवार पर कोई मुसीबत आने वाली होती है तो उसका असर सबसे पहले आपके घर में स्थित तुलसी के पौधे पर होता है। आप उस पौधे का कितना भी ध्यान रखें धीरे-धीरे वो पौधा सूखने लगता है।

पुराणों और शास्त्रों के अनुसार ऐसा इसलिए होता है कि जिस घर पर मुसीबत आने वाली होती है उस घर से सबसे पहले लक्ष्मी यानी तुलसी चली जाती है। क्योंकि दरिद्रता, अशांति या क्लेश जहां होता है वहां लक्ष्मी जी का निवास नहीं होता।

अगर ज्योतिष की मानें तो ऐसा बुध के कारण होता है। बुध का प्रभाव हरे रंग पर होता है और बुध को पेड़ पौधों का कारक ग्रह माना जाता है। बुध ऐसा ग्रह है जो अन्य ग्रहों के अच्छे और बुरे प्रभाव जातक तक पहुंचाता है। अगर कोई ग्रह अशुभ फल देगा तो उसका अशुभ प्रभाव बुध के कारक वस्तुओं पर भी होता है। अगर कोई ग्रह शुभ फल देता है तो उसके शुभ प्रभाव से तुलसी का पौधा बढ़ता रहता है।

घर में तुलसी के पौधे की उपस्थिति एक वैद्य के समान है। शायद आपने इस बात पर ध्यान ना दिया हो लेकिन मामूली सी दिखने वाली यह तुलसी हमारे घर के समस्त दोष को दूर कर हमारे जीवन को निरोग और सुखमय बनाने में सक्षम है।

तुलसी का गमला रसोई के पास रखने से पारिवारिक कलह समाप्त होता है। पूर्व दिशा की खिड़की के पास तुलसी का पौधा रखने से पुत्र यदि जिद्दी हो तो उसका हठ दूर होता है।

कन्या के विवाह में विलम्ब हो रहा हो तो अग्नि कोण में तुलसी के पौधे को कन्या नित्य जल अर्पण कर एक प्रदक्षिणा करे तो विवाह जल्दी होता है और बाधाएं दूर होती हैं।

यदि कारोबार ठीक नहीं चल रहा तो दक्षिण-पश्चिम दिशा में रखे तुलसी के पौधे में हर शुक्रवार कच्चा दूध अर्पण करें और किसी सुहागिन स्त्री को मीठी वस्तु दें। इससे व्यवसाय में सफलता मिलती है।

नौकरी में यदि उच्चाधिकारी की वजह से परेशानी हो तो ऑफिस में खाली जमीन या किसी गमले में सोमवार को तुलसी के 16 बीज किसी सफेद कपड़े में बांधकर दबा दें, मान-सम्मान में वृद्धि होगी।